सऊदी अरब के सूचना व प्रसारण मंत्री डाक्टर माजिद बिन अब्दुल्लाह अलक़स्बी ने किंग सलमान की अध्यक्षता में होने वाली मंत्री परिषद की बैठक के बाद बताया कि अरब जगत और क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के परिवर्तनों की समीक्षा की गई और सऊदी अरब ने मित्र देशों के साथ संयुक्त हितों के आधार पर सहयोग बढ़ाने में अपनी रूचि पर ज़ोर दिया। बैठक में इस बात की सराहना की गई कि अमरीका की नई सरकार ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा को महत्वपूर्ण माना है।
बैठक में कहा गया कि ईरान अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए समस्याएं खड़ी कर रहा है, अरब देशों के मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है और प्रचलित परम्पराओं का उल्लंघन कर रहा है।
मंत्री परिषद की बैठक में कहा गया कि यमन का हूती संगठन हमारे हवाई अड्डों, आवासीय क्षेत्रों और नागरिक प्रतिष्ठानों पर हमले करता है जिसकी हम निंदा करते हैं।
ज्ञात रहे कि ईरान साफ़ शब्दों में कह चुका है कि परमाणु वार्ता में अब किसी नए पक्ष को शामिल नहीं किया जाएगा।
सऊदी अरब की वहाबी दाइशी विचारधारा को क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरे के रूप में देखा जाता है।
यमन पर सऊदी अरब ने मार्च 2015 से युद्ध थोप रखा है और इस देश को भारी नुक़सान पहुंचाया है।